देखा अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।
ना छेड़ो यारों मुझे मैं खुद पे मस्ताना हो गया।।
लाखों सूरज और चन्द्रमा कुरबान है मेरे हुस्न पे।
अदभुत छबी को देखके, कहने में शरमा गया।।
देखा.....अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।
अब खुदी से जाहिर है, हम ईशक कफनी पहन के।
सत रंग से चोला रंगा, दीदार अपना पा गया।।
देखा....अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।
अब दिखता नहीं कोई मुझे, दुनिया में मेरे ही
सिवादुई का दफ्तर फटा,सारा भरम विला गया।।
देखा.....अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।
अचल राम खुद बेखुद है, मेहबूब मुझसे न जुदा।
निज नूर में भरपूर हो, अपने आप समा गया।।
देखा.... अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।
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